मनमाना किराया वसूलना पड़ा भारी, परिवहन विभाग ने 25 वाहनों का किया चालान..
उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए परिवहन विभाग ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने इस बार कार्रवाई का अनोखा तरीका अपनाया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी पहचान छिपाकर आम यात्रियों की तरह विभिन्न मार्गों पर ऑटो और ई-रिक्शा में सफर किया और मौके पर किराया वसूली की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। जांच में शिकायतें सही पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 25 वाहनों का चालान किया, जबकि गंभीर अनियमितता मिलने पर 5 ऑटो और ई-रिक्शा सीज कर दिए। जिला प्रशासन के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को निर्धारित दरों पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना था। अभियान के दौरान विभाग की अलग-अलग टीमें शहर के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यात्रियों की तरह सफर करती रहीं और चालक द्वारा वसूले जा रहे किराए का रिकॉर्ड तैयार किया।
जांच में कई मामलों में यह सामने आया कि चालक तय किराए से कहीं अधिक राशि वसूल रहे थे। कई यात्रियों ने भी अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखीं। इसके बाद संबंधित चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और उन्हें भविष्य में ऐसी अनियमितता न दोहराने की चेतावनी दी गई। अभियान के दौरान एक मामला विशेष रूप से सामने आया, जिसमें एक ई-रिक्शा चालक ने भेल फाउंड्री गेट से विकास भवन तक लगभग आठ किलोमीटर की दूरी के लिए एक यात्री से 200 रुपये किराए के रूप में वसूल लिए। जबकि जिले में ई-रिक्शा का निर्धारित किराया 12 रुपये प्रति किलोमीटर तय है। इस हिसाब से उक्त दूरी का किराया लगभग 96 रुपये होना चाहिए था। निर्धारित किराए से दोगुने से भी अधिक राशि वसूलने पर परिवहन विभाग ने मौके पर ही संबंधित ई-रिक्शा को सीज कर दिया।
यह अभियान परिवहन कर अधिकारी (टीटीओ) वरुणा सैनी के नेतृत्व में संचालित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है और इस दौरान कुछ चालक अधिक किराया वसूलकर यात्रियों का आर्थिक शोषण करने का प्रयास करते हैं। इसी को रोकने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने कहा कि निर्धारित किराए से अधिक वसूली करना गंभीर नियम उल्लंघन है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों के साथ पारदर्शी और नियमसम्मत व्यवहार सुनिश्चित करना सभी चालकों की जिम्मेदारी है। यदि कोई चालक निर्धारित किराया सूची का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ चालान, वाहन सीज करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसे प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे और विभिन्न मार्गों पर अधिकारी समय-समय पर आम यात्री बनकर जांच करेंगे। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और उचित किराए पर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो। परिवहन विभाग ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से निर्धारित किराया सूची का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है। साथ ही यात्रियों से भी कहा गया है कि यदि कोई चालक तय दर से अधिक किराया मांगता है, अभद्र व्यवहार करता है या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तुरंत परिवहन विभाग या जिला प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का मानना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह की सख्त निगरानी और नियमित प्रवर्तन अभियान से ओवरचार्जिंग पर अंकुश लगेगा और लाखों श्रद्धालुओं को बिना किसी आर्थिक शोषण के बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।


Leave feedback about this