पौड़ी दौरे पर राज्यपाल, अस्पताल निरीक्षण में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को परखा..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) अपने पौड़ी दौरे के दौरान जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आए। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए। शनिवार को राज्यपाल ने सबसे पहले जिला अस्पताल पौड़ी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार व्यवस्थाओं और आधारभूत ढांचे की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा कर भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधा संवाद किया। मरीजों से दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की गुणवत्ता और डॉक्टरों के व्यवहार के बारे में जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को समयबद्ध, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर उनके कार्य अनुभव, उपलब्ध संसाधनों और चुनौतियों के बारे में भी जानकारी हासिल की। स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों के साथ मानवीय संवेदनशीलता का समन्वय ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की कुंजी है। राज्यपाल ने अस्पताल में आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे कक्ष और सीटी स्कैन यूनिट का भी निरीक्षण किया। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों से सुझाव भी मांगे।
इसके बाद राज्यपाल ने जिला पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने उनका स्वागत करते हुए पुस्तकालय की सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। पुस्तकालय में आधुनिक फर्नीचर, समृद्ध पुस्तक संग्रह, पठन-पाठन के लिए अनुकूल वातावरण, वाई-फाई जोन, पेयजल व्यवस्था और पहाड़ी शैली में विकसित अवसंरचना जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। राज्यपाल ने पुस्तकालय परिसर का निरीक्षण कर इसकी व्यवस्थाओं की सराहना की और इसे विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, करियर योजनाओं और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में भी जानकारी ली। राज्यपाल के इस दौरे को प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा और जनसेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

