raibarexpress Blog उत्तराखंड कैंची धाम मेले के लिए हल्द्वानी से धाम तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, चलेंगी 120 शटल बसें..
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कैंची धाम मेले के लिए हल्द्वानी से धाम तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, चलेंगी 120 शटल बसें..

कैंची धाम मेले के लिए हल्द्वानी से धाम तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, चलेंगी 120 शटल बसें..

 

 

उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून को आयोजित होने वाले वार्षिक मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस बार यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए हल्द्वानी से कैंची धाम तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि मेले के दिन मार्ग पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक रहेगा। ऐसे में दुर्घटना, वाहन खराब होने, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति या आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव टीमों को बिना किसी बाधा के घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से एंबुलेंस, फायर सर्विस, पुलिस और प्रशासनिक वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्यों में देरी नहीं होगी और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकेगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि मेले के दौरान विभिन्न विभागों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा जाएगा। स्वास्थ्य, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन विभागों की टीमें भी मौके पर सक्रिय रहेंगी ताकि किसी भी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

हजारों वाहनों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने वाहन पार्किंग के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। हल्द्वानी के नगर निगम इंटर कॉलेज मैदान, रेलवे स्टेशन क्षेत्र और काठगोदाम में अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर निजी वाहनों को खड़ा करने के बाद श्रद्धालुओं को कैंची धाम तक पहुंचाने के लिए विशेष शटल बस सेवाएं संचालित की जाएंगी। परिवहन निगम और केमू की ओर से 60-60 बसों को शटल सेवा में लगाया जाएगा। इन बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों से सीधे कैंची धाम तक पहुंचाया जाएगा, जिससे मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

जरूरत पड़ने पर गौलापार स्टेडियम बनेगा अतिरिक्त पार्किंग स्थल..

प्रशासन ने संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की है। यदि निर्धारित तीनों पार्किंग स्थल भर जाते हैं तो गौलापार स्टेडियम को अतिरिक्त पार्किंग के रूप में उपयोग किया जाएगा। वहां से भी श्रद्धालुओं को शटल बसों के जरिए कैंची धाम भेजा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से यातायात जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा और श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होगी। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

इसके साथ ही प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों और मंदिर परिसर के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। कैंची धाम में हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नीम करौली बाबा के प्रति श्रद्धा रखने वाले भक्तों के अलावा विदेशी पर्यटक भी यहां दर्शन के लिए आते हैं। प्रशासन को इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके चलते व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

 

 

 

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