देहरादून एयरपोर्ट पर बनेगी हाईटेक एटीसी बिल्डिंग, बढ़ेगी उड़ानों की क्षमता..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल देहरादून एयरपोर्ट को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। एयरपोर्ट पर विमानों के संचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए नई अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) बिल्डिंग के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित भवन में आधुनिक तकनीकों और उन्नत निगरानी प्रणालियों को शामिल किया जाएगा, जिससे हवाई यातायात प्रबंधन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार नई एटीसी बिल्डिंग मौजूदा परिसर में ही उपयुक्त स्थान पर विकसित की जाएगी। वर्तमान एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था को आधुनिक उपकरणों से लैस कर एयरपोर्ट की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी एक साथ अधिक विमानों की निगरानी और संचालन करने में सक्षम होंगे।
नई एटीसी प्रणाली में उन्नत ऑटोमेशन और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम लगाए जाने की योजना है। इन तकनीकों की मदद से एयर स्पेस की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और रनवे संचालन की दक्षता में भी सुधार आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक नियंत्रण प्रणाली लागू होने के बाद वर्तमान एयरस्पेस का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा, जिससे एक ही समय में अधिक उड़ानों को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे न केवल उड़ानों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि एयर ट्रैफिक प्रबंधन भी अधिक व्यवस्थित होगा।
देहरादून एयरपोर्ट पर यात्रियों और उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को और मजबूत बनाना आवश्यक माना जा रहा है। नई एटीसी बिल्डिंग के शुरू होने के बाद विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग संचालन को अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके परिणामस्वरूप उड़ानों में होने वाली देरी कम होने की संभावना है और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि बढ़ती हवाई यातायात मांग को देखते हुए यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
देहरादून एयरपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा ऐसे एयरस्पेस क्षेत्र में आता है, जिसका नियंत्रण भारतीय वायु सेना के पास है। ऐसे में नागरिक उड्डयन और वायु सेना के बीच बेहतर समन्वय और तकनीकी दक्षता की आवश्यकता रहती है। नई एटीसी प्रणाली के लागू होने से एयरस्पेस प्रबंधन और अधिक सुचारु होने की उम्मीद है, जिससे नागरिक उड़ानों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी। इससे एयरपोर्ट की समग्र परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। देहरादून एयरपोर्ट का विकास पिछले दो दशकों में तेजी से हुआ है। कभी एक छोटी हवाई पट्टी के रूप में पहचान रखने वाला यह एयरपोर्ट आज उत्तराखंड के प्रमुख हवाई संपर्क केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। वर्ष 2006-07 के दौरान एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। इसके बाद यात्री संख्या बढ़ने के साथ बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार किया गया। वर्ष 2010 में आधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण किया गया, जबकि हाल के वर्षों में बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए बड़े पैमाने पर नया टर्मिनल विकसित किया गया।
नया टर्मिनल शुरू होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में यह टर्मिनल पीक आवर के दौरान हजारों यात्रियों को संभालने में सक्षम है। इसके मुकाबले पुराने टर्मिनल की क्षमता बेहद सीमित थी। वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट से प्रतिदिन दो दर्जन के आसपास नियमित उड़ानों का संचालन हो रहा है। इसके अतिरिक्त निजी विमानों और हेलिकॉप्टर सेवाओं की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। ऐसे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता माना जा रहा है। नई एटीसी बिल्डिंग को भविष्य में बढ़ने वाले हवाई यातायात को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा। आधुनिक तकनीक, बेहतर निगरानी क्षमता और उन्नत संचार प्रणाली के जरिए एयरपोर्ट को आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद देहरादून एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा, जिससे राज्य के पर्यटन, व्यापार और हवाई संपर्क को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

