raibarexpress Blog उत्तराखंड फूलों की घाटी की प्राकृतिक सुंदरता अब पहुंचेगी घर-घर, डाक विभाग ने जारी किया विशेष पोस्टकार्ड..
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फूलों की घाटी की प्राकृतिक सुंदरता अब पहुंचेगी घर-घर, डाक विभाग ने जारी किया विशेष पोस्टकार्ड..

फूलों की घाटी की प्राकृतिक सुंदरता अब पहुंचेगी घर-घर, डाक विभाग ने जारी किया विशेष पोस्टकार्ड..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध फूलों की घाटी (वैली ऑफ फ्लावर्स) अब देश-दुनिया के लोगों तक एक नए अंदाज में पहुंचेगी। भारतीय डाक विभाग ने राज्य की इस प्राकृतिक धरोहर को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से विशेष चित्रित पोस्टकार्ड जारी किया है। इस पहल का मकसद न केवल उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना है, बल्कि राज्य में पर्यटन को भी नई गति देना है। ज्योतिर्मठ डाक मंडल और उत्तराखंड परिमंडल की ओर से शुरू की गई इस विशेष पहल के तहत फूलों की घाटी की मनमोहक छवि वाले विशेष पोस्टकार्ड का विमोचन किया गया। उत्तराखंड परिमंडल की मुख्य पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी कुजूर ने इस विशेष पोस्टकार्ड का लोकार्पण करते हुए कहा कि भारतीय डाक विभाग समय-समय पर देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को विशेष डाक सामग्री के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का कार्य करता रहा है। इसी कड़ी में अब उत्तराखंड की विश्व धरोहर फूलों की घाटी को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि पोस्टकार्ड केवल संदेश भेजने का माध्यम नहीं, बल्कि किसी स्थान की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी जरिया भी है। फूलों की घाटी पर आधारित यह विशेष पोस्टकार्ड देश और विदेश में उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का संदेश पहुंचाएगा और लोगों को इस अद्भुत स्थल की ओर आकर्षित करेगा। चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान हिमालय की गोद में बसा एक अनूठा प्राकृतिक स्थल है, जिसे वर्ष 2005 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया था। लगभग 87 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह घाटी हर वर्ष मानसून के दौरान रंग-बिरंगे फूलों से ढक जाती है। यहां सैकड़ों प्रजातियों के दुर्लभ अल्पाइन पुष्प, औषधीय वनस्पतियां और हिमालयी जैव विविधता देखने को मिलती है,जिसके कारण यह देश-विदेश के प्रकृति प्रेमियों, वनस्पति वैज्ञानिकों और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

हर साल जुलाई से सितंबर के बीच फूलों की घाटी अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है। इसी दौरान हजारों पर्यटक और ट्रैकर्स यहां पहुंचते हैं। माना जा रहा है कि डाक विभाग की यह पहल इस विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी मजबूती प्रदान करेगी। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी क्षेत्र की पहचान को डाक टिकटों और विशेष पोस्टकार्ड के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना एक प्रभावी माध्यम होता है। इससे न केवल उस स्थान के प्रति लोगों की जिज्ञासा बढ़ती है, बल्कि पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। उत्तराखंड जैसे पर्यटन प्रधान राज्य के लिए यह पहल विशेष महत्व रखती है। डाक विभाग का कहना है कि भविष्य में भी उत्तराखंड की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को विशेष डाक सामग्री के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे। फूलों की घाटी पर आधारित यह विशेष पोस्टकार्ड राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को नई पहचान देने के साथ-साथ उत्तराखंड के पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

 

 

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