raibarexpress Blog उत्तराखंड औषधि प्रशासन की सख्ती, विंडलास बायोटेक में अनियमितता मिलने पर सप्लाई रोकी गई..
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औषधि प्रशासन की सख्ती, विंडलास बायोटेक में अनियमितता मिलने पर सप्लाई रोकी गई..

औषधि प्रशासन की सख्ती, विंडलास बायोटेक में अनियमितता मिलने पर सप्लाई रोकी गई..

 

 

उत्तराखंड: खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने देहरादून के मोहब्बेवाला स्थित दवा निर्माता कंपनी विंडलास बायोटेक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने कंपनी द्वारा निर्मित कोडीन युक्त कफ सिरप की आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही संबंधित औषधि के अनुमोदन को भी अगले आदेशों तक निलंबित कर दिया गया है। सोमवार को औषधि प्रशासन की टीम ने विंडलास बायोटेक परिसर में अचानक छापा मारकर विभिन्न दवाओं और सिरप की गहन जांच की। जांच के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप में गंभीर खामियां पाए जाने की बात सामने आई। अधिकारियों ने मौके पर ही सिरप को प्रतिबंधित करते हुए इसकी बिक्री और आपूर्ति पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए।

बता दे कि हाल के महीनों में देश के अलग-अलग राज्यों में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद उत्तराखंड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी के तहत राज्यभर में दवा निर्माता कंपनियों और मेडिकल स्टोरों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच अभियान के दौरान कई मेडिकल स्टोरों और दवा विक्रेताओं के यहां भी अनियमितताएं पाई गई हैं, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि विंडलास बायोटेक के खिलाफ की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। संबंधित कफ सिरप के निर्माण और वितरण की अनुमति को अग्रिम आदेशों तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में तैनात औषधि निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दवाओं की गुणवत्ता, भंडारण और बिक्री पर सख्त नजर रखें। विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जनस्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दवाओं की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाली किसी भी कंपनी या मेडिकल स्टोर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

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