raibarexpress Blog उत्तराखंड IMA के पास 20 एकड़ भूमि में अवैध प्लॉटिंग का खुलासा, CM धामी ने दिए जांच के आदेश..
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IMA के पास 20 एकड़ भूमि में अवैध प्लॉटिंग का खुलासा, CM धामी ने दिए जांच के आदेश..

IMA के पास 20 एकड़ भूमि में अवैध प्लॉटिंग का खुलासा, CM धामी ने दिए जांच के आदेश..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने राजधानी देहरादून के एक संवेदनशील क्षेत्र में सामने आए अवैध भूमि लेनदेन और प्लॉटिंग के मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला पछवादून क्षेत्र इलाके का है, जो भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के समीप स्थित है। यहां एक चैरिटेबल ट्रस्ट की करीब 20 एकड़ कृषि भूमि के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि उक्त भूमि का उपयोग मूल रूप से शैक्षणिक संस्थान के लिए प्रस्तावित था, लेकिन नियमों को दरकिनार करते हुए वहां अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित करने का प्रयास किया गया। शिकायतें मिलने के बाद मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भूमि उपयोग परिवर्तन और बिक्री की प्रक्रिया में किन नियमों का उल्लंघन हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

सरकारी स्तर पर यह भी जांच की जा रही है कि क्या भूमि के इस तरह के लेनदेन के पीछे पूर्व नियोजित तरीके से नियमों को दरकिनार करने का प्रयास किया गया है। प्रशासन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहा है, जिसमें जमीन के दस्तावेज, ट्रस्ट की भूमिका, भूमि उपयोग की अनुमति और खरीदारों से जुड़े तथ्य शामिल हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भूमि कानूनों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जमीन से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई है, उसे देखते हुए पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, सुरक्षा और नियोजन से जुड़े विषयों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा, खासकर जब मामला संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़ा हो। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

 

 

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