देहरादून के चर्चित अंकित थपलियाल हत्याकांड में वर्षों बाद एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। करीब 12 साल पहले हुई इस वारदात के मुख्य आरोपी अकरम के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद पीड़ित परिवार को कुछ हद तक सुकून जरूर मिला है, लेकिन उनका कहना है कि न्याय की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
साल 2014 में नकरौंदा क्षेत्र के बालावाला में लूट की नीयत से घर में घुसे बदमाशों ने अंकित थपलियाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। इकलौते बेटे को खोने के बाद माता-पिता डर और असुरक्षा के कारण अलग-अलग शहरों में अपनी बेटियों के पास रहने चले गए।
अंकित के पिता, जो कृषि विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, ने बेटे को न्याय दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई, लेकिन कानूनी प्रक्रियाओं और निराशा के चलते एक समय वे पूरी तरह टूट गए थे।
हाल ही में मुख्य आरोपी के मारे जाने की सूचना मिलने पर परिवार की आंखों में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जहां एक ओर उन्हें राहत महसूस हुई, वहीं दूसरी ओर बाकी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।
अंकित की मां ने कहा कि उनके बेटे के साथ जो हुआ, उसे वे कभी नहीं भूल सकतीं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि उनके बेटे को सच्चा न्याय मिल सके।
स्थानीय लोगों और परिवार ने यह भी मांग उठाई है कि अंकित की बहादुरी और बलिदान को याद रखने के लिए उनके नाम पर क्षेत्र में एक स्मारक या प्रवेश द्वार बनाया जाए। उनका मानना है कि अंकित ने अपने परिवार की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई, जिसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
फिलहाल, इस घटनाक्रम ने एक बार फिर इस मामले को चर्चा में ला दिया है, और परिवार को उम्मीद है कि बाकी दोषियों को भी जल्द सजा मिलेगी।


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