कुमाऊं में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पड़ा भारी, 3 करोड़ से ज्यादा की वसूली..
उत्तराखंड: सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने कुमाऊं मंडल में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में रिकॉर्ड संख्या में चालान काटे गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने हजारों वाहनों पर कार्रवाई की है, जिससे सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता साफ दिखाई दे रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 29,791 वाहनों के चालान किए गए हैं। वहीं गंभीर यातायात उल्लंघनों के मामलों में 1,294 वाहनों को सीज भी किया गया है। इन प्रवर्तन कार्रवाइयों के माध्यम से परिवहन विभाग ने 3 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना भी है।
हल्द्वानी सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र में विभाग लगातार विशेष जांच अभियान चला रहा है। बिना वैध दस्तावेजों के वाहन संचालन, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, तेज गति और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर विशेष नजर रखी जा रही है। परिवहन विभाग और प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर नियमित जांच अभियान संचालित किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) गुरदेव सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जांच प्रणाली के साथ-साथ अब डिजिटल निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत ऑनलाइन चालान प्रणाली को व्यापक स्तर पर लागू किया गया है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की पहचान तेजी से की जा सके।
उन्होंने बताया कि ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है। इन कैमरों को प्रमुख मार्गों, चौराहों और टोल प्लाजाओं पर स्थापित किया गया है। यह तकनीक वाहनों की नंबर प्लेट को स्वतः पहचानकर संबंधित जानकारी रिकॉर्ड करती है, जिसके आधार पर नियम उल्लंघन की स्थिति में ऑनलाइन चालान जारी किए जाते हैं। इससे मानव हस्तक्षेप कम होने के साथ-साथ कार्रवाई की पारदर्शिता और प्रभावशीलता भी बढ़ी है। परिवहन विभाग का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था भविष्य में यातायात अनुशासन को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विभाग के अनुसार कई मामलों में वाहन चालक जांच टीमों की मौजूदगी में नियमों का पालन करते हैं, लेकिन अन्य स्थानों पर लापरवाही बरतते हैं। ऐसे में एएनपीआर कैमरों और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी संभव हो पा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह यातायात नियमों की अनदेखी होती है। इसलिए प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से सुरक्षित वाहन संचालन और सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सभी नियमों का पालन करें, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, पंजीकरण प्रमाणपत्र और प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें। विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और यातायात नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक और सख्त प्रवर्तन के संयोजन से सड़कों पर अनुशासन बढ़ेगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। कुमाऊं क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान राज्य के अन्य हिस्सों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकता है, जहां आधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

