यमुनोत्री धाम यात्रा में फिर गई दो श्रद्धालुओं की जान, मौतों का आंकड़ा 10 पहुंचा..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। गुरुवार को यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर दो और श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दोनों श्रद्धालुओं को अचेत अवस्था में उपचार के लिए जानकीचट्टी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र निवासी 62 वर्षीय वंदना विजय सिंह बघेल और गुजरात निवासी 68 वर्षीय पटेल नितिन भाई बालू भाई यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचे थे। यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर दोनों श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्हें सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी महसूस होने लगी, जिसके कुछ देर बाद वे अचेत हो गए। मौके पर मौजूद यात्रियों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए दोनों श्रद्धालुओं को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। Akhil Rana ने दोनों श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गौरतलब है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री धाम में मौत के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक यहां 10 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक थकान, ठंडा मौसम और पहले से मौजूद बीमारियां यात्रियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती हैं। विशेषकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और कई स्थानों पर स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए गए हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराएं और यदि किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या हो तो तुरंत मेडिकल सहायता लें।
चारधाम यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिसके चलते यात्रा मार्गों पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालु यात्रा के दौरान जल्दबाजी न करें, पर्याप्त आराम लें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से बुजुर्गों, हृदय रोगियों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा हेल्थ एडवाइजरी
बाहरी राज्यों के तीर्थयात्रियों को यात्रा से पहले पूर्ण मेडिकल चेकअप कराना अनिवार्य है
यात्रा से 2-3 सप्ताह पहले अपना चेकअप करवाएं और नियमित दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक साथ रखें
अत्यधिक ऊंचाई (2700 मीटर से अधिक) के कारण हृदय, मधुमेह या श्वास संबंधी बीमारियों वाले बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी होगी
उच्च ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ सकता है. धीरे-धीरे ऊंचाई के अनुकूल बनें
प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर तरल पदार्थ लें और खाली पेट यात्रा न करें
यात्रा रूट पर 1350 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं। किसी भी असुविधा होने पर तुरंत मेडिकल रिलीफ पोस्ट या स्क्रीनिंग सेंटर से संपर्क करें
हाइड्रेटेड रहें, पर्याप्त गर्म कपड़े रखें और यात्रा के दौरान शराब या धूम्रपान से बचें
अपने साथ पर्ची (Prescription) और डॉक्टर का संपर्क नंबर अवश्य रखें
आपात स्थिति में 104 या 108 नंबर पर संपर्क करें


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