सरकारी स्कूलों की टाइमिंग बदलेगी, शिक्षा निदेशालय ने जिलों से मांगे प्रस्ताव..
उत्तराखंड: प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की समय सारणी में महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) से विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्तावित बदलाव नई शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रावधानों के अनुरूप किए जा रहे हैं, ताकि शैक्षणिक सत्र को अधिक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाया जा सके। प्रस्ताव के अनुसार एक शैक्षणिक सत्र में कुल 34 कार्य सप्ताह निर्धारित किए जाएंगे। प्रत्येक सप्ताह विद्यार्थियों को 32 घंटे की शिक्षण गतिविधियों में शामिल होना होगा। इस गणना के आधार पर प्रतिदिन औसतन पांच घंटे 20 मिनट की कक्षाएं संचालित करने का सुझाव दिया गया है। उद्देश्य यह है कि निर्धारित पाठ्यक्रम को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय सुनिश्चित किया जा सके।
इसके साथ ही शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन सत्र की अवधि को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार शीतकालीन सत्र एक अक्टूबर से 31 मार्च तक तथा ग्रीष्मकालीन सत्र एक अप्रैल से 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगा। इससे मौसम के अनुरूप विद्यालयी समय निर्धारण और संचालन में एकरूपता लाने में मदद मिलेगी। शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलों से प्राप्त सुझावों और प्रस्तावों का संकलन कर अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा, जिसे अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो आगामी शैक्षणिक सत्र से नई समय सारणी लागू की जा सकती है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। नई व्यवस्था से पढ़ाई का समय संतुलित होगा और शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।


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