April 4, 2026
उत्तराखंड

बर्फ हटते ही शुरू हुई तैयारी, ड्रोन से होगी केदारनाथ यात्रा की निगरानी..

बर्फ हटते ही शुरू हुई तैयारी, ड्रोन से होगी केदारनाथ यात्रा की निगरानी..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब मात्र 18 दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियों को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक के जरिए संचार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस दूरसंचार की टीम उपनिरीक्षक कपिल नैथानी के नेतृत्व में केदारनाथ पहुंच चुकी है। टीम द्वारा पूरे पैदल मार्ग और धाम क्षेत्र में वायरलेस संचार प्रणाली को सक्रिय करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। यात्रा मार्ग पर स्थापित की जाने वाली पुलिस चौकियों और चेकपोस्ट को आपस में जोड़ने के लिए वायरलेस सिस्टम का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी स्थानों पर निर्बाध संचार सुनिश्चित किया जा सके।

कठिन मौसम और बर्फबारी के बीच भी टीम ने केदारनाथ में रुद्राप्वाइंट के पास वायरलेस सेट स्थापित कर जिला नियंत्रण कक्ष से सफल संचार स्थापित कर लिया है। इसके साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सैटेलाइट फोन के जरिए भी संचार तंत्र को सक्रिय किया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में संपर्क बना रहे। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाली इस यात्रा के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक हाईटेक बनाया गया है। पूरे यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में 181 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही 21 प्रमुख स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PA सिस्टम) स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से यात्रियों को समय-समय पर जरूरी सूचनाएं और दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल को 30 स्थिर वायरलेस सेट और 100 हैंडहेल्ड वायरलेस सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विभिन्न स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच त्वरित और प्रभावी संवाद संभव हो सकेगा। यात्रा के दौरान निगरानी और रेस्क्यू कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक ड्रोन तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और जिला मुख्यालय सहित संवेदनशील क्षेत्रों में कुल 6 ड्रोन तैनात किए जाएंगे, जो ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस बार सभी आधुनिक संसाधनों का समन्वित उपयोग कर यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। CCTV कैमरों से जहां हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, वहीं PA सिस्टम के जरिए मौसम और मार्ग से जुड़ी अहम जानकारियां यात्रियों तक पहुंचाई जाएंगी। वायरलेस और सैटेलाइट संचार के जरिए हर स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन की इन तैयारियों से साफ है कि इस बार केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उनकी सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

 

 

 

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