नेपाली सेल रोटी से उत्तराखंडी पकवानों तक, गोरखा महोत्सव में मिलेगा परंपरा और स्वाद का संगम..
उत्तराखंड: गोरखा समुदाय की समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देहरादून में गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला 2026 का आयोजन किया जा रहा है। वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव इस बार दसवीं बार आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में उत्तराखंड और नेपाल की सांस्कृतिक विरासत के साथ पारंपरिक खानपान और लोककलाओं की झलक देखने को मिलेगी। गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में होने वाले इस आयोजन में सीएम पुष्कर सिंह धामी और नेपाल के कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेन्द्र थापा के शामिल होने का कार्यक्रम है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रदीप बत्रा, विधायक विनोद चमोली और देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।
लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी आकर्षण
महोत्सव में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पारंपरिक मयूर नृत्य के साथ आकाश थापा की प्रस्तुतियां भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों का उद्देश्य गोरखा समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है। कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
नेपाली व्यंजनों के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा खानपान के शौकीनों के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां नेपाली सेल रोटी, गोरखाली चटनी, फिनी, चुकानी और गुंडरुक जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। इसके साथ ही उत्तराखंड के पारंपरिक पकवान भी उपलब्ध रहेंगे। आयोजन स्थल पर विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां उत्तराखंड और नेपाल की पारंपरिक वेशभूषा, खानपान और सांस्कृतिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे लोगों को दोनों क्षेत्रों की जीवनशैली और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
दसवीं बार आयोजित हो रहा महोत्सव
महोत्सव की जानकारी वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा और समिति के अन्य पदाधिकारियों ने उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि समिति लगातार इस आयोजन के माध्यम से गोरखा समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और समाज में आपसी सद्भाव मजबूत करने का प्रयास कर रही है। समिति के अनुसार, दशैं और दीपावली से जुड़ी परंपराओं को केंद्र में रखकर आयोजित यह महोत्सव विभिन्न समुदायों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करता है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पारंपरिक व्यंजनों और विभिन्न स्टॉलों के जरिए लोगों को विविध सांस्कृतिक अनुभव मिलेंगे।




Leave feedback about this