raibarexpress Blog उत्तराखंड खिलाड़ियों तक नहीं पहुंची SOM पहल? AIFF को मिले बेहद कम आवेदन..
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खिलाड़ियों तक नहीं पहुंची SOM पहल? AIFF को मिले बेहद कम आवेदन..

खिलाड़ियों तक नहीं पहुंची SOM पहल? AIFF को मिले बेहद कम आवेदन..

 

उत्तराखंड: ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) की ‘बेहतरीन काबिलियत वाले खिलाड़ियों’ (SOM) को चिन्हित कर तैयार करने की पहल को शुरुआती चरण में अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। 16 जुलाई 2026 को AIFF ने SOM सूची में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों से आवेदन मांगे थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुरुष वर्ग से महज 35 और महिला वर्ग से केवल 9 खिलाड़ियों ने आवेदन किया। महिला खिलाड़ियों की कम संख्या को देखते हुए AIFF ने अब आवेदन की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है। 6 अक्टूबर को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, महिला खिलाड़ी अब 10 अक्टूबर 2026 तक SOM सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकती हैं। पुरुष खिलाड़ियों के लिए आवेदन की निर्धारित समयसीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है।

महिला खिलाड़ियों के लिए पात्रता में भी बदलाव
AIFF ने महिला खिलाड़ियों को SOM सूची के टियर-11 में शामिल करने के लिए पात्रता के नियमों में भी कुछ राहत दी है। संशोधित प्रावधान के तहत ऐसे खिलाड़ी भी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने नेशनल गेम्स, नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप (NFC), AIFF, इंडियन विमेंस लीग या इंडियन विमेंस लीग-2 के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं में किसी भी आयु वर्ग में सदस्य संघ का प्रतिनिधित्व करते हुए कम से कम पांच मुकाबले खेले हों। इसके अलावा 16 जुलाई को जारी किए गए नोटिफिकेशन में निर्धारित अन्य पात्रता शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी। SOM योजना को मिली सीमित प्रतिक्रिया ने AIFF और राज्य फुटबॉल संघों की पहुंच को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर पूर्व खिलाड़ियों और ऐसे प्रतिभाशाली फुटबॉलरों तक योजना की जानकारी पहुंचाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जो फिलहाल सक्रिय फुटबॉल से दूर हैं।

आरोप यह भी है कि SOM नीति और उसकी पात्रता को समझाने के लिए पूर्व खिलाड़ियों के साथ कोई व्यापक ऑनलाइन जागरूकता बैठक या संवाद कार्यक्रम नहीं किया गया। ऐसे में सवाल है कि जब खिलाड़ियों को योजना की पूरी जानकारी ही नहीं मिली, तो बड़ी संख्या में आवेदन कैसे सामने आते? AIFF से जुड़े 36 यूनिट के बावजूद पुरुष वर्ग में 35 और महिला वर्ग में केवल 9 आवेदन आना इस पूरी प्रक्रिया की पहुंच और प्रचार-प्रसार पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, आवेदनों को जानबूझकर हटाए जाने या किसी व्यक्तिगत आधार पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उत्तराखंड में क्लब रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर भी सवाल
दूसरी ओर, उत्तराखंड में फुटबॉल क्लबों से ली जा रही रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। RTI से सामने आई जानकारी के अनुसार राज्य के करीब 60 क्लबों की सूची उपलब्ध हुई है, जिनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर शुल्क लिए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। यदि कोई क्लब पहले से AIFF के साथ रजिस्टर्ड है, तो राज्य फुटबॉल संघ द्वारा उससे अलग से रजिस्ट्रेशन शुल्क लिए जाने का आधार क्या है? इसी तरह, राज्य फुटबॉल संघ में पंजीकरण के बाद जिला फुटबॉल संघ द्वारा दोबारा रजिस्ट्रेशन फीस लेने की व्यवस्था किस नियम के तहत लागू है?

सबसे बड़ा सवाल शुल्क की राशि को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड फुटबॉल एसोसिएशन में क्लब रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये निर्धारित बताई गई है। ऐसे में कुछ क्लबों से 10,000 रुपये तक की राशि मांगे जाने की स्थिति में इस अतिरिक्त शुल्क का आधार और उसका ब्रेकअप स्पष्ट किया जाना जरूरी है। SOM योजना में कम आवेदन और क्लब रजिस्ट्रेशन फीस से जुड़े सवालों के बीच अब AIFF और संबंधित राज्य फुटबॉल संघों की पारदर्शिता, खिलाड़ियों तक पहुंच और शुल्क व्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण की जरूरत महसूस की जा रही है।

 

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