February 11, 2026
उत्तराखंड

चारधाम यात्रा- स्वच्छता पर होटलों-ढाबों को मिलेगी स्टार रेटिंग और ग्रीन बैज..

चारधाम यात्रा- स्वच्छता पर होटलों-ढाबों को मिलेगी स्टार रेटिंग और ग्रीन बैज..

 

उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल संचालित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी, नगर निकायों के प्रतिनिधि और विभिन्न एजेंसियों के सदस्य शामिल हुए। बैठक में यात्रा अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, प्रभावी संग्रहण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने पूर्व वर्षों में किए गए स्वच्छता कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली और निर्देश दिए कि इस बार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से “डिपॉजिट रिफंड स्कीम” को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया, ताकि यात्री प्लास्टिक बोतलें, रैपर और अन्य अपशिष्ट सामग्री वापस जमा कराने के लिए प्रेरित हों। इस व्यवस्था के माध्यम से प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए स्थानीय व्यापारियों, होटल एसोसिएशन, दुकानदारों और अन्य हितधारकों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। जिलाधिकारी ने व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत क्यूआर कोड, साइन बोर्ड, होर्डिंग्स, यात्रा टिकटों पर स्वच्छता संदेश, सार्वजनिक उद्घोषणाएं और अन्य दृश्य-श्रव्य माध्यमों के जरिए “कूड़ा न फैलाएं, पर्यावरण बचाएं” का संदेश प्रत्येक यात्री तक पहुंचाया जाएगा। यात्रा मार्ग पर संचालित होटलों, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

 

बेहतर व्यवस्था वाले प्रतिष्ठानों को “स्टार रेटिंग” और “ग्रीन बैजिंग” जैसी प्रोत्साहनात्मक व्यवस्थाओं से सम्मानित किया जाएगा, जबकि गंदगी फैलाने या नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के कड़ाई से पालन पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने डंडी-कंडी और घोड़ा-खच्चर संचालकों को भी स्वच्छता संदेश के प्रचार-प्रसार से जोड़ने की बात कही, ताकि यात्रा से जुड़े सभी वर्ग पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में भागीदार बन सकें। प्रशासन का उद्देश्य है कि चारधाम यात्रा के दौरान न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, बल्कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। इसके लिए विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और प्रभावी निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

 

 

    Leave feedback about this

    • Quality
    • Price
    • Service

    PROS

    +
    Add Field

    CONS

    +
    Add Field
    Choose Image
    Choose Video

    X