raibarexpress Blog उत्तराखंड उत्तराखंड में एकल महिलाओं को आर्थिक संबल, 212 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए पहली किस्त जारी..
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उत्तराखंड में एकल महिलाओं को आर्थिक संबल, 212 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए पहली किस्त जारी..

उत्तराखंड में एकल महिलाओं को आर्थिक संबल, 212 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए पहली किस्त जारी..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को आर्थिक सहायता वितरित की। बुधवार को मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना के दूसरे चरण में चयनित 212 नई महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए पहली किस्त की राशि प्रदान की। वहीं, पहले चरण में योजना का लाभ ले रहीं 276 महिलाओं को स्वरोजगार को आगे बढ़ाने के लिए दूसरी किस्त जारी की गई। कार्यक्रम के दौरान कुल 488 महिलाओं को योजना का लाभ मिला। नई लाभार्थी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए करीब 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि दी गई, जबकि पहले से जुड़ी महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य एकल, निराश्रित, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से महिलाएं अपने गांव और स्थानीय क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। सरकार महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए जरूरी अवसर और संसाधन भी उपलब्ध करा रही है। स्वरोजगार से जुड़कर महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि योजना के दूसरे चरण में प्रदेश के आठ जिलों की 212 महिलाओं का चयन किया गया है। इनमें अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून जिले की महिलाएं शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में चयनित महिलाओं को भी योजना का लाभ लगातार दिया जा रहा है। इसी क्रम में देहरादून, नैनीताल और टिहरी जिले की 276 महिलाओं को दूसरी किस्त की सहायता राशि जारी की गई है। योजना के तहत महिलाओं को कृषि, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर समेत कई स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ने के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है। सरकार परियोजना लागत का अधिकतम 75 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराती है। योजना में अधिकतम दो लाख रुपये तक की परियोजना पर सहायता दी जाती है, जबकि शेष राशि लाभार्थी महिला को स्वयं लगानी होती है।

बता दे कि योजना के पहले चरण में 10 फरवरी 2026 को छह जिलों की 484 महिलाओं को करीब 3.45 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त वितरित की गई थी। अब दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना से जोड़कर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।

 

 

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