February 10, 2026
उत्तराखंड

देहरादून में औषधि विभाग की छापेमारी, मेडिकल स्टोरों में अनियमितताओं पर कार्रवाई..

देहरादून में औषधि विभाग की छापेमारी, मेडिकल स्टोरों में अनियमितताओं पर कार्रवाई..

 

उत्तराखंड: राजधानी देहरादून में सेफ ड्रग-सेफ लाइफ अभियान के तहत औषधि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए मेडिकल कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। यह अभियान उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों पर संचालित किया गया, जिसमें ड्रग विभाग की टीम ने शहर के कई मेडिकल स्टोरों और थोक दवा विक्रेताओं के परिसरों की जांच की। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर तीन मेडिकल फर्मों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई। ड्रग विभाग की टीम ने चंदननगर के समीप प्रिंस चौक क्षेत्र में स्थित थोक मेडिकल फर्मों का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, दवाओं की वैधता अवधि, एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की प्रक्रिया, दवाओं के भंडारण की स्थिति और नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं से संबंधित नियमों की भी विस्तार से पड़ताल की।

निरीक्षण में सामने आया कि कई परिसरों में दवाओं का रखरखाव मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। मेडिकल फार्मा और वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर नामक प्रतिष्ठानों में दवाइयां सीधे फर्श पर रखी हुई पाई गईं। साथ ही भवन के फर्श और दीवारों में भारी सीलन नजर आई। कई दवा पेटियों पर फफूंदी लगी हुई थी। जब टीम ने इन पेटियों को खोलकर जांच की तो अंदर रखी दवाइयों में भी नमी और खराब होने के संकेत पाए गए। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान तीसरी मंजिल पर एक्सपायरी दवाइयों और सर्जिकल ग्लव्स की पेटियां भी बरामद हुईं। रिकॉर्ड रूम की जांच के दौरान कर्मचारियों से नारकोटिक्स दवाओं को लेकर पूछताछ की गई, जिस पर बताया गया कि संबंधित स्टोर में नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं का क्रय-विक्रय नहीं किया जाता। वहीं एक अन्य परिसर में दवाइयां खुले में रखी मिलीं, जिन पर सीधे धूप पड़ रही थी, जो दवाओं की गुणवत्ता के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।

ड्रग विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान तीनों परिसरों से कुल आठ दवाओं के नमूने जब्त किए। साथ ही प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई बनाए रखने और दवाओं को नियमानुसार व्यवस्थित तरीके से स्टोर करने के सख्त निर्देश दिए गए। निरीक्षक टीम ने परिसर में फैली गंदगी, दवाओं पर सीलन, एक्सपायरी दवाओं का भंडारण और दवाओं के रखरखाव में घोर लापरवाही को गंभीर मानते हुए दो मेडिकल फर्मों के संचालन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने स्पष्ट कहा कि दवाओं के भंडारण और बिक्री में इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर प्रतिष्ठान सील करने तक की कठोर कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि सेफ ड्रग–सेफ लाइफ अभियान के तहत आगे भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

 

 

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