March 11, 2026
उत्तराखंड

अचानक DDA दफ्तर पहुंचे आयुक्त दीपक रावत, लंबित मामलों पर जताई सख्ती..

अचानक DDA दफ्तर पहुंचे आयुक्त दीपक रावत, लंबित मामलों पर जताई सख्ती..

 

 

उत्तराखंड: कुमाऊं मंडल में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में कड़ा संदेश देते हुए कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक रावत ने जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं, लंबित प्रकरणों, राजस्व वसूली, भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया और विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों का निस्तारण तय समयसीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित वादों और आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यशैली में सुस्ती और देरी जनता के विश्वास को कमजोर करती है, जिसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दीपक रावत ने प्राधिकरण में दर्ज विभिन्न वादों की स्थिति की जानकारी ली और नियमन क्षेत्र से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन करते हुए पुराने मामलों को तेजी से निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए और कार्यों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। भवन निर्माण से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने ई-मानचित्र प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग आम लोगों को सुविधा देने के लिए होना चाहिए, न कि प्रक्रियाओं को जटिल बनाने के लिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भवन मानचित्रों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर ही निर्णय लिया जाए, जिससे आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और राजस्व वसूली की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए और राजस्व संग्रहण में तेजी लाई जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि मजबूत वित्तीय प्रबंधन विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। इस अवसर पर प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न सिविल कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। मंडलायुक्त ने वर्तमान में निर्माणाधीन, प्रस्तावित और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता का गहन परीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

निरीक्षण कार्यक्रम के तहत मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर में लगभग 17.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन जिला विकास प्राधिकरण के नए कार्यालय भवन का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश संबंधित कार्यदायी संस्था को दिए। इसके बाद मंडलायुक्त ने एनएच-87 पर डीडी चौक से त्रिशूल चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आम लोगों को आवागमन में असुविधा न हो। मंडलायुक्त का यह निरीक्षण कुमाऊं क्षेत्र में विकास कार्यों की निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देशों से साफ है कि विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर प्रशासन अब कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।

 

 

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