पशुपालन से आजीविका मजबूत करने की पहल..
उत्तराखंड: पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन के प्रति जागरूक करने और पशुधन की सेहत बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकासखंड पाबौ में पशु चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित इस शिविर में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार किया गया। साथ ही पशुपालकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर पशुओं की देखभाल और उनकी उत्पादकता बढ़ाने के तरीके बताए गए। सीएम पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देशन में आयोजित शिविर में पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और बीमारियों की रोकथाम को पशुधन को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बताया।
40 पशुपालकों को मिला लाभ
शिविर में कुल 40 पशुपालकों ने भाग लिया। इस दौरान 25 पशुपालकों को आवश्यक दवाएं वितरित की गईं, जबकि 11 पशुपालकों को पशुओं में बांझपन की समस्या के निवारण के लिए दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा 40 पशुपालकों को चारा बीज भी बांटे गए। पशुओं की जांच के दौरान पशुपालकों को उनकी देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर जरूरी परामर्श दिया गया। अधिकारियों ने पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण कराने और कृमिनाशक दवाओं का उचित उपयोग करने की सलाह दी।
शिविर में पशुपालन विभाग की ओर से संचालित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया गया। पशुपालकों को पशुधन बीमा के फायदे समझाते हुए योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि पशुओं को होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सके। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि पशुपालन में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने, पशुओं को पौष्टिक आहार देने और समय पर उपचार कराने से दूध उत्पादन तथा पशुधन की उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पौड़ी डॉ. विशाल शर्मा ने पशुपालकों से विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान देने और आधुनिक पशुपालन तकनीकों को अपनाने से ग्रामीण परिवारों की आजीविका मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

