October 24, 2026
उत्तराखंड

वन्यजीव संरक्षण और जनसेवा के बाद अब VRS लेंगे साकेत बडोला..

वन्यजीव संरक्षण और जनसेवा के बाद अब VRS लेंगे साकेत बडोला..

 

 

 

उत्तराखंड: भारतीय वन सेवा के अधिकारी साकेत बडोला ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपने इस फैसले की जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, वह पिछले कई महीनों से इस विषय पर विचार कर रहे थे। अंततः व्यक्तिगत कारणों के चलते उन्होंने सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का फैसला किया। अपनी पोस्ट में साकेत बडोला ने उत्तराखंड के पौड़ी जिले से जुड़े अपने सफर और अखिल भारतीय सेवा में पहुंचने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एक साधारण परिवार से निकलकर भारतीय वन सेवा का हिस्सा बनना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने अपनी पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए मां विंध्यवासिनी और बाबा नीलकंठ की भूमि से अपने जुड़ाव को भी याद किया। उनके अनुसार, सेवा में आने का अवसर उनके लिए गौरवपूर्ण अनुभव रहा।

वन्यजीव संरक्षण और जनसेवा में दिया योगदान
बडोला ने अपने सेवाकाल को संतोषजनक बताते हुए कहा कि इस दौरान उन्हें जनता की सेवा करने के साथ प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण में योगदान देने का अवसर मिला। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करते हुए विभिन्न चुनौतियों को समझने और उनसे सीखने के अनुभवों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने जिम्मेदारियों को निभाने और अपनी ओर से बेहतर योगदान देने का प्रयास किया। साथ ही, सेवा के दौरान मिले अनुभवों और अवसरों के लिए आभार जताया।

आगे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान की इच्छा
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के फैसले के बावजूद साकेत बडोला ने राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में योगदान जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह अपनी क्षमता और अनुभव के अनुसार देश के लिए काम करते रहना चाहते हैं। फिलहाल उन्होंने अपने निर्णय के पीछे व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है। उनकी पोस्ट के बाद भारतीय वन सेवा से उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का फैसला चर्चा में है।

 

 

 

 

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