दो राज्यों का संवाद, उत्तराखंड मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा राज्यपाल से की मुलाकात..
उत्तराखंड: राष्ट्रीय एकता और संवाद की भावना को मजबूत करते हुए उत्तराखंड से पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, विकास के अनुभवों और आपसी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस अध्ययन दौरे में पीआईबी देहरादून के नेतृत्व में पहुंचे 15 सदस्यीय मीडिया दल ने उत्तराखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विशेषताओं को साझा किया। प्रतिनिधिमंडल ने देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों, पर्यटन क्षमता और प्राकृतिक सौंदर्य को देश की पहचान बताया।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि उत्तराखंड और ओडिशा दोनों ही राज्य समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े हैं। पुरी का जगन्नाथ मंदिर और उत्तराखंड का केदारनाथ धाम देश की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, जो भारतीय संस्कृति की एकता को दर्शाते हैं। राज्यपाल डॉ. कंभमपति ने उत्तराखंड से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने पूर्व में राज्य का दौरा किया है और वहां के विकास कार्यों को करीब से देखा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में घोषित औद्योगिक पैकेज को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताया, जिससे रुद्रपुर जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए।
उन्होंने देश में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास की सराहना करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के प्रयासों का उल्लेख किया। विशेष रूप से दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को एक महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि इससे यात्रा समय में कमी आएगी और पर्यटन, व्यापार तथा कनेक्टिविटी को नया बल मिलेगा। यह मुलाकात न केवल दो राज्यों के बीच संवाद को मजबूत करने का अवसर बनी, बल्कि सांस्कृतिक एकता और विकास के साझा दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई।

