उत्तराखंड विधानसभा में रिकॉर्ड बजट पेश, विकास पर सरकार का बड़ा दांव..
उत्तराखंड: विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹1,11,703.12 करोड़ का वार्षिक बजट सदन में पेश किया। गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में प्रस्तुत इस बजट को राज्य के समग्र विकास की दिशा में अहम दस्तावेज माना जा रहा है। बजट में बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, ग्रामीण उत्थान और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष प्राथमिकता दी गई है। सदन को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट केवल व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास की व्यापक रूपरेखा है, जिसमें प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, सामाजिक जरूरतों और आर्थिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की गई हैं।
बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। दूरस्थ इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने, सड़क संपर्क बेहतर करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रावधान किया गया है। साथ ही कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए भी वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके और पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिल सके। पर्यटन क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार मानते हुए इस क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाने की घोषणा की गई है। धार्मिक, साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत ढांचे के विकास, सुविधाओं के विस्तार और नए पर्यटन स्थलों के विकास पर जोर दिया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों में संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने, उच्च शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की योजनाएं शामिल की गई हैं। युवाओं के लिए रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख रहा। बजट में स्वरोजगार योजनाओं को मजबूत करने, कौशल विकास कार्यक्रमों को विस्तार देने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में कई घोषणाएं की गई हैं। उद्योगों के अनुकूल माहौल तैयार कर निवेश आकर्षित करने पर भी सरकार ने जोर दिया है, जिससे प्रदेश में नए रोजगार अवसर पैदा हो सकें। सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत कमजोर वर्गों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न सहायता कार्यक्रमों को जारी रखने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह बजट संतुलित विकास की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच समान विकास सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। सीएम ने विश्वास जताया कि प्रस्तुत बजट राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ विकास की नई दिशा देगा।
विभागवार बजट प्रावधान..
माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 542.84 करोड़
उच्च शिक्षा विभाग के लिए 146.30 करोड़
तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 98.50 करोड़
खेल विभाग के लिए 69.94 करोड़ रुपए
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग 195.46 करोड़
पेयजल विभाग 1827.91 करोड़
आवास विभाग 291 करोड़
शहरी विकास विभाग 1401.85 करोड़
ग्रामीण विकास विभाग 1642.20 करोड़
ऊर्जा विभाग 1609.43 करोड़
लोक निर्माण विभाग 2501.91 करोड़
उत्तराखंड सरकार ने बढ़ाया जेंडर बजट
उत्तराखंड सरकार ने 2026 -27 सत्र में जेंडर बजट को बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16961.32 करोड़ का प्रावधान था। जो इस बार बढ़ाकर 19692.02 करोड़ का प्रावधान किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग को 4252.50 करोड़, पूंजीगत मद में 195 करोड़ का प्रावधान किया गया।
किसानों के लिए उत्तराखंड बजट में क्या-क्या है?
ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपए
आईटीबीपी बटालियन को जीवित भेड़, बकरी और कुक्कुट आपूर्ति योजना के लिए 3.50 करोड़ रुपए
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनांतर्गत 42.50 करोड़ रुपए
हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत 5.00 करोड़ रुपए
मिशन एप्पल योजना अन्तर्गत समग्र रूप से 42.00 करोड़ रुपए
दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के लिए समग्र रूप 32.00 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री टाज्य कृषि विकास योजनांतर्गत 20.00 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री मत्स्य सपदा योजना के लिए 12.43 करोड़ रुपए
मिलेट मिशन योजना के प्रोत्साहन के लिए 12.00 करोड़ रुपए
स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए 05.75 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री दाज्य कृषि विकास योजना 20.00 करोड़ रुपए
किसान पेंशन योजना 12.06 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 160.13 करोड़ रुपए
गंगा कार्यकारी योजना के अन्तर्गत रखरखाव के लिए जल संस्थान को अनुदान 25.00 करोड़ रुपए
युवाओं के लिए बजट में क्या-क्या है?
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60.00 करोड़
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए 10.00 करोड़
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान 155.38 करोड़
शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान 10.00 करोड़
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना 10.00 करोड़
उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम 3.34 करोड़

