raibarexpress Blog उत्तराखंड मसूरी में बदलेगा ट्रैफिक का चेहरा, साइकिल रिक्शों की जगह दौड़ेंगे 54 गोल्फ कार्ट..
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मसूरी में बदलेगा ट्रैफिक का चेहरा, साइकिल रिक्शों की जगह दौड़ेंगे 54 गोल्फ कार्ट..

मसूरी में बदलेगा ट्रैफिक का चेहरा, साइकिल रिक्शों की जगह दौड़ेंगे 54 गोल्फ कार्ट..

 

 

उत्तराखंड: पहाड़ों की रानी मसूरी में अब पारंपरिक साइकिल रिक्शा धीरे-धीरे इतिहास बनते नजर आएंगे। शहर में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 40 नए गोल्फ कार्ट शामिल करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत 3.36 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रबंधन किया गया है। इससे पहले भी प्रशासनिक प्रयासों से 14 गोल्फ कार्ट मसूरी में संचालित किए जा चुके हैं। अब 40 और वाहन जुड़ने के बाद इनकी कुल संख्या 54 हो जाएगी। नए गोल्फ कार्ट विशेष रूप से माल रोड और कैमल्स बैक रोड पर संचालित किए जाएंगे, जहां पहले साइकिल रिक्शा चलते थे।

जिला प्रशासन ने इस परियोजना के लिए आरईसी फाउंडेशन लिमिटेड से संपर्क कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। प्रशासन का मानना है कि यह पहल मसूरी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। खासतौर पर माल रोड पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर सुगम और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस पूरी व्यवस्था में स्थानीय रिक्शा चालकों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। पारंपरिक रोजगार प्रभावित न हो, इसके लिए ‘दो चालक एक गोल्फ कार्ट’ मॉडल पर सहमति बनाई गई है। रिक्शा चालकों को गोल्फ कार्ट संचालन के लिए कंपनी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे आधुनिक परिवहन प्रणाली के अनुरूप कार्य कर सकें और उनकी आय के अवसर बढ़ें।

बता दे कि दिसंबर 2024 में मसूरी में गोल्फ कार्ट सेवा की शुरुआत की गई थी। पहले चरण में नगर पालिका परिषद द्वारा चार गोल्फ कार्ट संचालित किए गए थे, जिनकी संख्या बाद में बढ़कर 14 हो गई। अब नए वाहनों के जुड़ने से शहर में सुगम यातायात व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल जाम से राहत दिलाना ही नहीं, बल्कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव देना और स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित करना भी है। माना जा रहा है कि गोल्फ कार्ट सेवा के विस्तार से मसूरी की ट्रैफिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा और यह पहल पहाड़ी पर्यटन स्थलों के लिए एक मॉडल के रूप में भी उभर सकती है।

 

 

 

 

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