राजपुर में अमर शहीद मनोज राणा की याद होगी अमर, ₹27 लाख से बनेगा भव्य स्मृति द्वार..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर क्षेत्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने 27 लाख रुपये की लागत से बनने वाले शहीद स्मृति द्वार का शिलान्यास किया। यह स्मृति द्वार मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
सोमवार को राजपुर स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अमर शहीद मनोज राणा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक उनके साहस और बलिदान की गाथा पहुंचाना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड लंबे समय से वीर सैनिकों की भूमि के रूप में जाना जाता है। राज्य के हजारों जवान भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और अनेक सैनिक मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं। ऐसे वीरों की स्मृति में बनने वाले स्मारक समाज को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देते हैं।मंत्री ने बताया कि एमडीडीए के माध्यम से बनने वाला यह शहीद स्मृति द्वार केवल एक निर्माण परियोजना नहीं होगा, बल्कि यह देशभक्ति, शौर्य और बलिदान का प्रतीक बनेगा। पहाड़ी शैली में तैयार किए जाने वाले इस द्वार में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सैन्य परंपरा की झलक भी दिखाई देगी।
उनका कहना था कि इस प्रकार के स्मारक आने वाली पीढ़ियों को देश के वीर सपूतों के योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान गणेश जोशी ने राज्य सरकार द्वारा सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार सैनिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है और उनके आश्रितों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की रक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिली है। रक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों से सेना की क्षमता मजबूत हुई है और देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती प्राप्त हुई है।
कौन थे अमर शहीद मनोज राणा
अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा भारतीय सेना की 15 राष्ट्रीय राइफल्स (15 आरआर) तथा 2/4 गोरखा राइफल्स से जुड़े थे। वर्ष 2013 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और 27 जुलाई को मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके शौर्य और वीरता को आज भी पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है। उत्तराखंड सहित पूरे देश के लिए उनका बलिदान प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

