raibarexpress Blog उत्तराखंड अल्मोड़ा में जनसुनवाई का असर, मंत्री रेखा आर्या ने 50 से अधिक शिकायतें सुलझाईं..
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अल्मोड़ा में जनसुनवाई का असर, मंत्री रेखा आर्या ने 50 से अधिक शिकायतें सुलझाईं..

अल्मोड़ा में जनसुनवाई का असर, मंत्री रेखा आर्या ने 50 से अधिक शिकायतें सुलझाईं..

 

 

 

उत्तराखंड: अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के शीतलाखेत में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में सरकार और आम जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। न्याय पंचायत सल्लारौतेला क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और अपनी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याएं खुलकर प्रशासन के सामने रखीं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर अधिकारियों ने मौके पर ही लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई भी की। कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि 50 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि 400 से अधिक ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। लोगों ने मुख्य रूप से खराब सड़कों, जर्जर नालियों, पेयजल की कमी, पेंशन संबंधी समस्याओं, राशन कार्ड, फसलों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ और खेल मैदान निर्माण जैसे मुद्दे उठाए।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं को कागजों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू कर लोगों तक लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गई। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है और हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि जिन समस्याओं को इस जनसुनवाई में उठाया गया है, वे भविष्य में दोबारा सामने नहीं आनी चाहिए।कार्यक्रम के जरिए सरकार ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।

 

 

 

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