February 10, 2026
उत्तराखंड

दिल्ली ब्लास्ट के बाद दून में सख्ती बढ़ी, पुलिस ने बाहरी छात्रों का री-वेरिफिकेशन शुरू किया..

दिल्ली ब्लास्ट के बाद दून में सख्ती बढ़ी, पुलिस ने बाहरी छात्रों का री-वेरिफिकेशन शुरू किया..

 

 

उत्तराखंड: देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट मोड पर हैं। धमाके में कश्मीर कनेक्शन सामने आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया है। इसी क्रम में देहरादून में बाहरी राज्यों से आए छात्रों और विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की दोबारा गहन जांच शुरू कर दी गई है। देहरादून को लंबे समय से देश का प्रमुख एजुकेशन हब माना जाता है। यहां कश्मीर सहित देशभर से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। पुलिस इन सभी छात्रों का डेटा पहले से मेंटेन कर रही है, लेकिन दिल्ली ब्लास्ट केस में कश्मीर एंगल सामने आने के बाद अब शहर में रह रहे कश्मीरी छात्रों का री-वेरिफिकेशन अभियान तेज कर दिया गया है। मौजूदा समय में देहरादून के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 900 से अधिक कश्मीरी युवा पढ़ाई कर रहे हैं।

पुलिस अब इन सभी छात्रों की अपडेटेड जानकारी, निवास स्थान, गतिविधियों और सत्यापन दस्तावेजों की दोबारा जांच कर रही है। इसके साथ ही शहर में रह रहे विदेशी नागरिकों तथा अन्य बाहरी लोगों की प्रोफाइलिंग भी पुनः की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई किसी को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी के तहत की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली हादसे के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा बढ़ाई गई है। खासकर देहरादून जैसे शिक्षा केंद्र में जहां बाहरी छात्रों की संख्या अधिक है, वहां निगरानी और वेरिफिकेशन को और मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।

देहरादून में बाहरी राज्यों व विदेशी नागरिकों के री-वेरिफिकेशन के साथ अब सुरक्षा जांच को और व्यापक किया गया है। शहर के सभी हॉस्टलों, पीजी और किराए के कमरों में रह रहे छात्रों के पते, पहचान पत्र और मूवमेंट की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि कुछ कश्मीरी छात्रों द्वारा बनाए गए निजी सोशल ग्रुप, चैट पैटर्न और डिजिटल कम्युनिकेशन की भी निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत जानकारी मिल सके। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय या क्षेत्र को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि सुरक्षा कारणों से रूटीन मॉनिटरिंग को मजबूत करने के तहत की जा रही है। सिर्फ कश्मीरी ही नहीं, बल्कि बाहरी राज्यों से आए छात्रों और देहरादून में रह रहे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को भी कड़ी निगरानी में रखा गया है।

पिछले छह महीनों की जांच में 16 बांग्लादेशियों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। इनमें से 9 को डिपोर्ट किया गया, जबकि बाकी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार किसी भी एंटी-नेशनल इनपुट पर तत्काल एक्शन लिया जाता है, चाहे वह किसी भी राज्य, क्षेत्र या देश से जुड़ा क्यों न हो। सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता शहर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शैक्षणिक संस्थानों को भी छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध आचरण या जानकारी मिलने पर विद्यार्थियों के माता-पिता को तुरंत सूचना दी जाती है और आवश्यक होने पर पुलिस को भी रिपोर्ट किया जाता है। देहरादून, जहां हजारों छात्र देशभर से अध्ययन के लिए आते हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि शहर को सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग मिल सके।

छात्र-छात्राओं का वेरिफिकेशन ड्राइव करने से उनका पूरा डाटा पुलिस के पास उपलब्ध होता है। अगर कॉलेज या किसी अन्य तरीके से किसी के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो उस पर आसानी से कार्रवाई की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसी से जब भी उन्हें जानकारी मिलती है तो वो बाहर से आए सभी छात्रों के संपर्क में रहते हैं इसके साथ ही एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि कश्मीरी छात्रों से लेकर विदेशी छात्रों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया से लेकर उनके ठिकानों की मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर कोई भी संदिग्ध पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दिल्ली ब्लास्ट के बाद देहरादून में सुरक्षा रणनीति नए सिरे से कसी जा रही है। कश्मीरी छात्रों से लेकर विदेशियों तक हर संभावित लिंक की जरूरत से ज्यादा सतर्कता के साथ स्क्रीनिंग की जा रही है। सोशल मीडिया ग्रुप्स, कॉन्टैक्ट हिस्ट्री और ठिकानों पर हाई-टेक मॉनिटरिंग की जा रही है। ताकि, देहरादून में किसी भी एंटी नेशनल नेटवर्क को पनपने का मौका न मिले।

 

 

 

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