raibarexpress Blog उत्तराखंड देहरादून में रात 10 बजे के बाद पुलिस की सख्ती, बेवजह घूमने वालों पर होगी कार्रवाई..
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देहरादून में रात 10 बजे के बाद पुलिस की सख्ती, बेवजह घूमने वालों पर होगी कार्रवाई..

देहरादून में रात 10 बजे के बाद पुलिस की सख्ती, बेवजह घूमने वालों पर होगी कार्रवाई..

 

 

 

उत्तराखंड: शहर में देर रात होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और युवाओं के हुड़दंग पर लगाम लगाने के लिए देहरादून पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। खासतौर पर छात्र बाहुल्य इलाकों में पुलिस का मिडनाइट ऑपरेशन चल रहा है। रात करीब 10 बजे के बाद बेवजह सड़कों पर घूमने वाले युवाओं और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर पुलिस की नजर है। पुलिस की इस कार्रवाई से छात्र क्षेत्रों में संचालित हॉस्टल और पीजी संचालकों में भी हलचल है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि देर रात अनावश्यक रूप से घूमते मिलने या किसी संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फायरिंग की घटना के बाद बढ़ाई गई निगरानी
देहरादून में हाल ही में SGRR यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों के दो गुटों के बीच फायरिंग की घटना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने छात्र बाहुल्य क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निगरानी और चेकिंग बढ़ाने का फैसला लिया। पुलिस का फोकस अब केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित संवेदनशील इलाकों में पहले से निगरानी रखने पर है। इसी रणनीति के तहत रात के समय छात्र क्षेत्रों में पुलिस टीमों की मौजूदगी बढ़ाई जा रही है।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र में देर रात हॉस्टल और पीजी की जांच की। टीमों ने कई परिसरों में जाकर सुरक्षा इंतजामों और रिकॉर्ड की स्थिति देखी। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान चार हॉस्टलों में नियमों के पालन में कमियां मिलीं। कुछ जगहों पर प्रवेश रजिस्टर की व्यवस्था नहीं थी, जबकि सुरक्षा से जुड़े अन्य इंतजाम भी पर्याप्त नहीं पाए गए। इसी अभियान के दौरान देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे चार युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने हॉस्टल और पीजी संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

बाहरी लोगों की एंट्री और सीसीटीवी पर फोकस
पुलिस ने संचालकों से हॉस्टल में आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखने, बाहरी व्यक्तियों की एंट्री पर नजर रखने और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। छात्रों के सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न बरतने की भी हिदायत दी गई है। पुलिस का कहना है कि हॉस्टल या पीजी संचालक केवल कमरा किराये पर देकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते। यदि किसी परिसर में अवैध गतिविधि या गंभीर सुरक्षा लापरवाही सामने आती है तो संचालक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पुलिस ने छात्रों और युवाओं से रात में बिना किसी जरूरी काम के सड़कों पर घूमने से बचने की अपील की है। नशे, हुड़दंग या किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिडनाइट ऑपरेशन के जरिए पुलिस अब छात्र बाहुल्य क्षेत्रों में नियमित चेकिंग और निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य देर रात होने वाली आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाना है।

 

 

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