उत्तराखंड में अप्रैल से SIR की शुरुआत, निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देश..
उत्तराखंड: उत्तराखंड सहित देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू होने की संभावना के मद्देनज़र राज्य में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर संभावित कार्यक्रम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलावार प्रशासनिक तैयारियों और मतदाता सूची मैपिंग की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
तीन जिलों में मैपिंग की रफ्तार धीमी..
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि राज्य में प्री-एसआईआर गतिविधियां जारी हैं, लेकिन देहरादून, उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में मतदाताओं की मैपिंग लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। इन जिलों में कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित ईआरओ और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार 30 जनवरी 2026 तक बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत राज्य के कुल 84,55,994 मतदाताओं में से 63,66,046 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है, जो लगभग 75.28 प्रतिशत है। पर्वतीय जिलों में मैपिंग का प्रतिशत 90 फीसदी के करीब पहुंच चुका है, जबकि मैदानी जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। देहरादून में 57.23 प्रतिशत, उधम सिंह नगर में 59.64 प्रतिशत और नैनीताल में 72.20 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग दर्ज की गई है।
बैठक में बूथ अवेयरनेस ग्रुप (BAG) के गठन को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 77 प्रतिशत बूथों पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) की तैनाती हो चुकी है। शत-प्रतिशत तैनाती सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ पुनः बैठक करने को कहा गया है। इसके अलावा जिलों में एसआईआर हेल्प डेस्क स्थापित कर आवश्यक कार्मिकों की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि अप्रैल में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुचारु और पारदर्शी ढंग से संचालित किया जाए। मतदाता सूची की शुद्धता और अद्यतन प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन विभाग सतर्क है, ताकि आगामी चुनावी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। राज्य में एसआईआर की तैयारियों को लेकर समीक्षा का सिलसिला लगातार जारी रहेगा और जिन जिलों में प्रगति धीमी है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।


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