हर की दून घाटी में छात्रों की शैक्षणिक ट्रेकिंग, हिमालयन हाइकर्स टीम ने कराई सैर..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के पहाड़ों में इन दिनों गर्मी से राहत पाने के लिए देशभर से पर्यटकों की आमद बढ़ती जा रही है। साफ मौसम और सुहावने वातावरण के बीच हर की दून घाटी एक बार फिर पर्यटकों और ट्रेकिंग प्रेमियों का पसंदीदा केंद्र बन गई है। विशेष रूप से उत्तरकाशी जनपद के मोरी ब्लॉक स्थित इस सुदूरवर्ती घाटी में इन दिनों गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और एडवेंचर का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में एक शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत देहरादून के वेलियम वाइस स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने तीन दिवसीय ट्रेकिंग यात्रा के दौरान क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विशेषताओं का गहन अनुभव किया। इस कार्यक्रम का संचालन हिमालयन हाइकर्स टीम के सहयोग से किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को न केवल ट्रेकिंग का अनुभव मिला, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन के महत्व से भी अवगत कराया गया।
भ्रमण के दौरान छात्रों ने हर की दून घाटी के साथ-साथ बनिया, देबसू और बया टॉप जैसे प्रमुख बुग्यालों की ट्रेकिंग की। यहां की बर्फ से ढकी ऊंची पर्वत चोटियां, घने वन, स्वच्छ बहती नदियां और समृद्ध जैव विविधता ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रकृति के इस अद्भुत स्वरूप ने छात्रों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया। टीम ने सांकरी और सौड़ गांव का भी भ्रमण किया, जहां छात्रों ने स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और रीति-रिवाजों को करीब से समझा। ग्रामीणों के साथ संवाद ने उन्हें पहाड़ी जीवन की सादगी और प्रकृति के साथ सामंजस्य का महत्व सिखाया। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत ने छात्रों और शिक्षकों के अनुभव को और भी खास बना दिया।
हिमालयन हाइकर्स टीम से जुड़े प्रशिक्षु चैन सिंह रावत ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराना है। ट्रेकिंग के दौरान छात्रों को क्षेत्र के प्रमुख ट्रेकिंग स्थलों जैसे बंदरपूंछ, चांगसील और केदारकांठा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे उनके ज्ञान में वृद्धि हुई। शिक्षकों ने भी इस अनुभव को बेहद प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि हर की दून घाटी और आसपास के बुग्यालों की प्राकृतिक सुंदरता अविस्मरणीय है और यहां का अनुभव छात्रों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह भ्रमण न केवल रोमांच से भरपूर रहा, बल्कि छात्रों को प्रकृति, पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के महत्व को समझने का एक सार्थक अवसर भी प्रदान कर गया। उत्तराखंड के इन दूरस्थ हिमालयी क्षेत्रों में इस तरह के शैक्षणिक और साहसिक कार्यक्रम न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि नई पीढ़ी को प्रकृति के करीब लाकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी दे रहे हैं।

