लंबे इंतजार के बाद बहाल होगी देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई कनेक्टिविटी..
उत्तराखंड: करीब पांच महीने के लंबे इंतजार के बाद सीमावर्ती जिला पिथौरागढ़ एक बार फिर हवाई नक्शे पर लौटने जा रहा है। देहरादून-पिथौरागढ़ विमान सेवा के दोबारा शुरू होने की तैयारी अंतिम चरण में है। इस सेवा की बहाली को न केवल स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, बल्कि इसे सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास के लिहाज से भी अहम कदम समझा जा रहा है। देहरादून से पिथौरागढ़ तक हवाई सफर शुरू होने से यात्रियों को लंबी और कठिन सड़क यात्रा से राहत मिलेगी। पहाड़ी मार्गों पर मौसम अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है। बरसात में भूस्खलन और सर्दियों में कोहरे व बर्फबारी के कारण सफर जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे में हवाई सेवा समय की बचत के साथ सुरक्षित और तेज विकल्प प्रदान करती है।
उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (यूकाडा) के अनुसार नई उड़ान सेवा को लेकर सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिल चुकी हैं। उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी के बाद इस माह के भीतर संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले तकनीकी कारणों के चलते डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने इस रूट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया था। अधिकारियों का कहना है कि इस बार तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और रनवे की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि भविष्य में सेवा बाधित न हो।
पहले यह सेवा फ्लाई बिग कंपनी संचालित कर रही थी, लेकिन अब इस रूट पर Alliance Air का 48 सीटर विमान उड़ान भरेगा। बड़े विमान के संचालन से यात्रियों की संख्या में वृद्धि और सेवा की स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है। नई व्यवस्था के तहत उड़ान दिल्ली–देहरादून–पिथौरागढ़ रूट पर संचालित होगी। इससे पिथौरागढ़ सीधे राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ जाएगा। सीमांत क्षेत्र के लिए यह कनेक्टिविटी सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नेपाल और चीन सीमा के निकट स्थित पिथौरागढ़ का रणनीतिक महत्व काफी अधिक है। बेहतर हवाई संपर्क से प्रशासनिक समन्वय और आपातकालीन सेवाओं को गति मिलेगी। किसी भी आपदा या आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को तेज़ी से अंजाम दिया जा सकेगा।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल..
पिथौरागढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी दृश्यावलियों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। हवाई सेवा बहाल होने से देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इससे होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवाएं, स्थानीय गाइड और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस बार संचालन से पहले मौसम, तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की गई है। लक्ष्य है कि सेवा नियमित और निर्बाध रूप से संचालित हो, ताकि सीमांत क्षेत्र को स्थायी और भरोसेमंद हवाई कनेक्टिविटी मिल सके।


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