कुंभ मेले से पहले हरिद्वार में बड़ी तैयारी, रेलवे स्टेशनों का होगा उन्नयन, बनेंगे 4 नए गंगा घाट..
उत्तराखंड: आगामी कुंभ मेला को देखते हुए हरिद्वार में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की तैयारी तेज कर दी गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने रेलवे और अन्य विभागों के साथ समन्वय कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों के उन्नयन के साथ ही नए गंगा घाटों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें। इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने अधिकारियों के साथ मोतीचूर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों को जल्द शुरू कर समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कुंभ मेले के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए। प्लेटफॉर्म को मजबूत बनाने, यात्रियों के बैठने और ठहरने की बेहतर व्यवस्था करने, प्रवेश और निकास मार्गों को सुचारु बनाने, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा शौचालयों की संख्या बढ़ाने जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही स्टेशन परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कुंभ मेले की तैयारियों के तहत मोतीचूर रेलवे स्टेशन के साथ-साथ ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर भी कई विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने के साथ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी। दिव्यांगजनों के लिए स्टेशन परिसर में रैंप का निर्माण भी किया जाएगा। चूंकि यह क्षेत्र वन क्षेत्र से सटा हुआ है और आसपास हाथियों की आवाजाही रहती है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशन के आसपास सोलर फेंसिंग लगाने की योजना भी तैयार की गई है। इसके अलावा मेले के दौरान बढ़ी हुई भीड़ को देखते हुए स्टेशन परिसर में अस्थायी व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि यातायात और यात्रियों के आवागमन को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
रेलवे स्टेशनों के उन्नयन के साथ ही गंगा तट पर नए घाटों के निर्माण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में शहीद भगत सिंह घाट और नगर निगम घाट के निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा अमरापुर घाट के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में तथा साक्षी सतनाम घाट से ऋषिकुल बस अड्डे तक नए घाटों के निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन सभी घाटों का निर्माण कार्य आगामी 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे हो सकें।
घाट निर्माण से प्रभावित होने वाले पेड़ों के संबंध में भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। वन विभाग से अनुमति प्राप्त कर ली गई है और क्षतिपूर्ति के रूप में हटाए जाने वाले पेड़ों की संख्या से दस गुना अधिक पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर वृक्षारोपण की तैयारी भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कुंभ मेले से पहले सभी प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा, स्नान और आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

