March 13, 2026
उत्तराखंड

युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, अल्मोड़ा में जल्द शुरू होगा स्किल ट्रेनिंग सेंटर..

युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, अल्मोड़ा में जल्द शुरू होगा स्किल ट्रेनिंग सेंटर..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भराड़ीसैंण में प्रश्नकाल के समय पशुपालन, दुग्ध विकास और कौशल विकास विभाग से जुड़े कई अहम मुद्दे सदन में उठाए गए। विभिन्न विधायकों ने राज्य में युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, विदेशों में रोजगार के अवसर और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी योजनाओं की प्रगति को लेकर सवाल किए। इन सवालों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से चल रही योजनाओं और उनकी उपलब्धियों की जानकारी सदन के समक्ष रखी। प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुरेश गढ़िया ने “मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना” के तहत हो रही प्रगति के बारे में जानकारी मांगी।

इसके जवाब में मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि अब तक 143 युवाओं को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मंत्री ने यह भी कहा कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल देश के भीतर ही नहीं बल्कि विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में अब तक 92 युवाओं को विभिन्न देशों में रोजगार दिलाने में सफलता मिली है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं को इस योजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार से जोड़ा जाए।

इस दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की स्थिति को लेकर सवाल उठाया। इसके जवाब में मंत्री बहुगुणा ने कहा कि फिलहाल राज्य में देहरादून में एक प्रशिक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है, जहां युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही कुमाऊं क्षेत्र में अल्मोड़ा में एक नया कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे उस क्षेत्र के युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सकें। सदन में विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की। इस पर मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि कौशल विकास विभाग के साथ वर्तमान में 16 एजेंसियां पंजीकृत हैं और ये सभी एजेंसियां विदेश मंत्रालय से सत्यापित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह सतर्क है कि युवाओं के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो और उन्हें सुरक्षित एवं प्रमाणित माध्यमों से ही रोजगार के अवसर मिलें। प्रश्नकाल के दौरान विधायक बृजभूषण गैरोला ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की स्थिति को लेकर भी सवाल किया। इसके जवाब में मंत्री बहुगुणा ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में कुल दुग्ध उत्पादन 1957.25 हजार टन तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1897.84 हजार टन था। इस प्रकार दुग्ध उत्पादन में लगभग 3.13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मंत्री ने आगे बताया कि राज्य की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन दूध की उपलब्धता लगभग 456 ग्राम है, जो राष्ट्रीय औसत 485 ग्राम के काफी करीब है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन करीब 53.62 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन हो रहा है, जबकि दैनिक खपत का अनुमान लगभग 50.34 लाख किलोग्राम है। दुग्ध सहकारी समितियों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री बहुगुणा ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 2830 दुग्ध सहकारी समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इन समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कहा कि राज्य सरकार द्वारा गंगा गाय महिला डेयरी योजना, साईलेज योजना, दुधारू पशु पोषण योजना, दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना और राज्य पशुधन मिशन जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुपालकों की आय में वृद्धि करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

राज्य के दुग्ध उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाने के लिए “आंचल” ब्रांड के तहत दूध और उससे बने विभिन्न उत्पादों की बिक्री की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आंचल ब्रांड के उत्पादों से लगभग 399.58 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया है। आने वाले वित्तीय वर्ष में इस कारोबार के करीब 444 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि इन योजनाओं के माध्यम से जहां एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

 

 

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