July 30, 2026
उत्तराखंड

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब की सौगात, हार्ट मरीजों को मिलेगा आधुनिक इलाज..

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब की सौगात, हार्ट मरीजों को मिलेगा आधुनिक इलाज..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में जल्द ही अत्याधुनिक कैथ लैब (कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब) की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके शुरू होने के बाद कुमाऊं मंडल के हजारों हृदय रोगियों को इलाज के लिए हल्द्वानी या अन्य मैदानी शहरों के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा विशेष रूप से हार्ट अटैक और अन्य गंभीर हृदय रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। समय पर उपचार मिलने से मरीजों की जान बचाने की संभावना पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगी।

पर्वतीय जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

नई कैथ लैब का सबसे अधिक लाभ अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत सहित आसपास के पर्वतीय जिलों के लोगों को मिलेगा। अब तक इन क्षेत्रों के मरीजों को हृदय संबंधी गंभीर जांच और उपचार के लिए लंबी दूरी तय कर हल्द्वानी, देहरादून या अन्य बड़े अस्पतालों तक जाना पड़ता था। आपातकालीन परिस्थितियों में यह सफर कई बार मरीजों के लिए जोखिम भरा साबित होता था। समय पर इलाज न मिलने के कारण गंभीर जटिलताएं उत्पन्न होने का खतरा बना रहता था। नई सुविधा शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों को अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी।कैथ लैब शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी सहित हृदय की धमनियों से जुड़ी कई आधुनिक जांच और उपचार सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे हृदय रोगों का समय रहते पता लगाना और तत्काल उपचार संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक के मामलों में शुरुआती “गोल्डन ऑवर” के दौरान इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर कैथ लैब की उपलब्धता मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

मेडिकल कॉलेज में बनेगा हाईटेक बर्न सेंटर

हृदय रोग उपचार के साथ-साथ अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में एक हाईली एडवांस बर्न सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। इस सेंटर में आग, विस्फोट या अन्य दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का आधुनिक तकनीक से इलाज किया जाएगा। अब तक गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध होगी, जिससे उपचार में होने वाली देरी कम होगी और बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि कैथ लैब और बर्न सेंटर दोनों सुविधाएं शुरू होने के बाद कुमाऊं मंडल की चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे गंभीर मरीजों के रेफरल की संख्या कम होगी और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

हल्द्वानी में भी तैयार हो रही नई कैथ लैब

जानकारी के अनुसार हल्द्वानी में भी एक नई कैथ लैब तैयार की जा रही है, जिसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि वर्तमान समय में कुमाऊं क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में ऐसी अत्याधुनिक सुविधा सीमित है। ऐसे में अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब की स्थापना को क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस सुविधा के शुरू होने से पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, आर्थिक बोझ कम होगा और दूरदराज के अस्पतालों तक पहुंचने में लगने वाले समय की चुनौती भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

    Leave feedback about this

    • Quality
    • Price
    • Service

    PROS

    +
    Add Field

    CONS

    +
    Add Field
    Choose Image
    Choose Video

    X