रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा, हेडफोन लगाए छात्र को नहीं सुनाई दी ट्रेन की आवाज..
उत्तराखंड: राजधानी देहरादून में एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रेलवे ट्रैक पर चलते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल और कानों में हेडफोन लगाए रखना एक किशोर के लिए जानलेवा साबित हुआ। ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए 17 वर्षीय छात्र की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मामला नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के अजबपुर कलां इलाके का है। पुलिस के अनुसार मृतक छात्र अभिनव कुमार मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग क्षेत्र का निवासी था। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ अजबपुर कलां स्थित बैंक कॉलोनी में रह रहा था और पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम अभिनव ट्यूशन से पढ़ाई कर घर लौट रहा था। घर पहुंचने के लिए उसने रेलवे ट्रैक के किनारे से जाने का रास्ता चुना। इसी दौरान वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था और उसके कानों में हेडफोन भी लगे हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसी समय पीछे से एक ट्रेन ट्रैक पर आ रही थी। ट्रेन चालक ने खतरे को भांपते हुए लगातार हॉर्न बजाकर किशोर को सतर्क करने की कोशिश की, लेकिन हेडफोन लगाए होने के कारण उसे ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी। जब तक वह स्थिति को समझ पाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल छात्र को तत्काल उपचार के लिए दून अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे के समय किशोर के कानों में मोबाइल की लीड लगी हुई थी। यही कारण रहा कि वह ट्रेन के हॉर्न और नजदीक आती रेलगाड़ी की आवाज नहीं सुन पाया। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर मोबाइल फोन और हेडफोन के इस्तेमाल से जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है। रेलवे और पुलिस विभाग समय-समय पर लोगों को ट्रैक पर चलते समय सतर्क रहने और मोबाइल या हेडफोन का उपयोग न करने की सलाह देते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं में चलते समय मोबाइल फोन और ईयरफोन के अत्यधिक इस्तेमाल की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जो कई बार गंभीर हादसों का कारण बनती है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि रेलवे ट्रैक, सड़क या अन्य संवेदनशील स्थानों पर चलते समय पूरी सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। अभिनव की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। क्षेत्र के लोगों ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए युवाओं से इस तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है।


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