चारधाम यात्रा मार्ग पर दौड़ेंगे 600 वाहन, परिवहन विभाग ने जारी किए ग्रीन कार्ड..
उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन और परिवहन विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा सीजन नजदीक आते ही वाहनों की जांच और अनुमति प्रक्रिया में तेजी लाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के यात्रा का अनुभव मिल सके। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने अब तक जिले में करीब 600 वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी कर दिए हैं। यह ग्रीन कार्ड उन वाहनों को दिया गया है जो निर्धारित तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। विभाग की ओर से इन वाहनों की फिटनेस, ब्रेकिंग सिस्टम, लाइटिंग और अन्य जरूरी सुरक्षा पहलुओं की बारीकी से जांच की गई है। इसके बाद ही उन्हें यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति प्रदान की गई है।
बता दे कि 31 मार्च को राज्य के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने ग्रीन कार्ड व्यवस्था की शुरुआत की थी। इसके बाद से ही वाहन स्वामियों ने बड़ी संख्या में आवेदन करना शुरू कर दिया था। महज दस दिनों के भीतर 600 वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी होना इस बात का संकेत है कि विभाग तेजी से काम कर रहा है और यात्रा से पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने की दिशा में सक्रिय है। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा मार्ग पर केवल वही वाहन चलें जो पहाड़ी रास्तों के अनुरूप सुरक्षित और सक्षम हों। इसी को ध्यान में रखते हुए हर वाहन के फिटनेस प्रमाणपत्र और प्रदूषण मानकों की भी अनिवार्य जांच की जा रही है। शुरुआती चरण में छोटे और बड़े दोनों तरह के वाहनों को अनुमति दी गई है, लेकिन मानकों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
यात्रा के दौरान संभावित भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पार्किंग और रूट मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग स्तर पर पार्किंग स्थलों की पहचान, वाहनों के संचालन के लिए रूट प्लानिंग और ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए अतिरिक्त काउंटर और जांच टीमें तैनात की जा रही हैं, ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। विभाग का लक्ष्य है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी पात्र वाहनों को समय पर ग्रीन कार्ड जारी कर दिया जाए। प्रशासन का मानना है कि इस सुव्यवस्थित व्यवस्था के जरिए न केवल यातायात को नियंत्रित किया जा सकेगा, बल्कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। साथ ही यात्रा मार्ग पर अनियंत्रित और असुरक्षित वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगेगी, जिससे पूरी यात्रा अधिक सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।


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