February 10, 2026
उत्तराखंड

इको टूरिज्म को नई दिशा, ट्रैकिंग-पर्वतारोहण नीति पर CS का अल्टीमेटम..

इको टूरिज्म को नई दिशा, ट्रैकिंग-पर्वतारोहण नीति पर CS का अल्टीमेटम..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में इको टूरिज्म को व्यवस्थित और सतत रूप से विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इको टूरिज्म की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रैकिंग (लंबी पैदल यात्रा) और पर्वतारोहण के लिए एकीकृत नीति को दस दिनों के भीतर अंतिम रूप देकर शासन को प्रस्तुत किया जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि नीति तैयार करते समय सभी संबंधित हितधारकों से संवाद किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की व्यावहारिक दिक्कतों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में नई चोटियों और ट्रैकिंग रूट्स को खोलने से पहले पर्यावरण ऑडिट सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और इसके लिए स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी की जाए। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में इको टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं हैं और इन्हें ध्यान में रखते हुए ऐसे ईको टूरिज्म स्पॉट चिन्हित किए जाएं, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा दें बल्कि स्थानीय ईको सिस्टम को भी सुदृढ़ करें। उन्होंने चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) के जीर्णोद्धार कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था प्रत्येक कार्य के लिए समय सीमा तय करे और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य को पूरा किया जाए।

जबरखेत मॉडल को अन्य स्थलों पर लागू करने के निर्देश..

मुख्य सचिव ने ईको टूरिज्म के सफल जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित ईको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी संभागीय वन अधिकारियों (डीएफओ) को लक्ष्य निर्धारित करने को कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इको टूरिज्म को कैसे विकसित कर सकते हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 10 चिन्हित ईको टूरिज्म स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना एक माह के भीतर तैयार कर शासन को भेजी जाए। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि इको टूरिज्म से संबंधित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक अब हर महीने आयोजित की जाए, ताकि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके।

प्रदेशभर में शुरू होंगे फॉर्मल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन प्रोग्राम..

बैठक में पर्यटन से जुड़े मानव संसाधन विकास पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में पर्यटन गतिविधियों के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी जाएगी, जिससे पूरे राज्य में एक समान मानक लागू हो सकें। मुख्य सचिव ने वन क्षेत्रों के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक स्पष्ट मैकेनिज्म तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का संचालन इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (ETDB) के माध्यम से किया जा सकता है, क्योंकि बोर्ड का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने ईटीडीबी के लिए नया बजट हेड खोलने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) की तर्ज पर ईटीडीबी को भी नियमित बजट उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके साथ ही इको टूरिज्म साइट्स के संचालन के लिए इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से शीघ्र ही एमओयू करने के निर्देश भी दिए गए।

 

 

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